उत्तराखंड: रुद्रनाथ ट्रेकिंग के लिए पंजीकरण अनिवार्य, निश्चित संख्या में ही पहुंचेंगे पर्यटक
Published:
16 Mar 2025
रुद्रनाथ यात्रा पंजीकरण व्यवस्था के शुरू होने स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे, उनकी आर्थिक व्यवस्था में सुधार होगा। इस दुर्गम ट्रेक पर पर्यटकों को सुरक्षा व्यवस्था बेहद अनिवार्य है..
जनपद चमोली में स्थित चतुर्थ केदार, रुद्रनाथ मंदिर के दर्शन और केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य में जाने के लिए अब पर्यटकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। प्रतिदिन एक निश्चित संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रुद्रनाथ भेजा जाएगा। यह व्यवस्था पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बनाई गई है।
रुद्रनाथ की पैदल यात्रा को और अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की एक नई योजना लागू की जा रही है। पंजीकरण के बाद, प्रतिदिन एक निश्चित संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा पर भेजा जाएगा। इसके लिए स्थानीय गांवों में ईडीसी को सशक्त किया जाएगा। ईडीसी द्वारा गांव में होम स्टे का निर्माण भी किया जाएगा। रुद्रनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रशिक्षित गाइड की सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। यात्रा के संचालन के लिए बनाई गई ईडीसी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को निश्चित राशि में आवास और भोजन की अस्थायी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा इको विकास समिति के माध्यम से रुद्रनाथ पैदल यात्रा का संचालन करवाया जाएगा। जिसका शुल्क भी निर्धारित किया जाएगा। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एक निर्धारित समय के बाद आगे की यात्रा के लिए अगले दिन का इंतजार करने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रा मार्ग पर आवास के लिए अस्थायी टेंट और भोजन से जुड़ी सुविधाएं ईडीसी के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस व्यवस्था के शुरू होने स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे, उनकी आर्थिक व्यवस्था में सुधार होगा।